Exclusive : उत्तरकाशी : मनेरी-भाली जोशियाड़ा की झील में चमगादडों का बसेरा,एक नही सैकड़ों का है डेरा

Exclusive : उत्तरकाशी : मनेरी-भाली जोशियाड़ा की झील में चमगादडों का बसेरा,एक नही सैकड़ों का है डेरा

- in article, states, Uttarakhand, Uttarkashi
225
0
@admin
  • संतोष साह

उत्तरकाशी नगर से लगी मनेरी-भाली की झील में चमगादड़ (बैट) मंडराने लगे हैं। सैकड़ों की संख्या में झील किनारे स्थित पेडों को इन्होंने अपना बसेरा बना लिया है। दिन भर पेडों में लटके चमगादड़ शाम ढलते ही चारों ओर मंडराने लगते हैं। चमगादड़ स्तनपायी जीव है औऱ यदि इस झील के किनारे पेडों में इनका डेरा बना रहा तो वह दिन दूर नहीं जब सैकड़ों से हजारों में भी इनकी संख्या हो सकती है। जीव विज्ञान के शिक्षक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल कहते है कि पिछले एक दो साल से झील में चमगादड़ काफी संख्या में नजर आ रहे हैं देखना होगा कि कहीं ये चमगादड़ पमाइग्रेंट तो नहीं है और इसका असल पता शीतकाल में लगेगा।

गौरतलब है कि जहां एक ओर मनेरी-भाली झील में सौन्दर्यकरण हो रहा है उस लिहाज से झील की सुंदरता में कई तरह के पक्षी भी नजर आते मगर झील बनने के बाद इस झील में या फिर इसके इर्द-गिर्द के पेड़ों में पक्षी बहुत कम नजर आए। झील बनने के बाद प्रवासी पक्षियों की भी इस झील में नजर नहीं पड़ी और अगर पड़ी भी तो वह भी चमगादडों की।
उल्लेखनीय है कि मनेरी-भाली झील से सटे पेडों में सैकड़ों की संख्या में चमगादडों का बसेरा बन गया है। रिवर फ्रंट-चिल्ड्रन पार्क से लेकर पुलिस लाइन के एंट्री गेट तक के पेड चमगादडों ने कब्जा लिये हैं। बताया जा रहा है कि मनेरी-भाली सुरंग एरिया में भी इनकी तादाद बढ़ चुकी है। शाम ढलते ही इनका मंडराने का सिलसिला शुरू हो जाता है। ये चमगादड़ पीपल की पतियाँ भी चट कर रहे हैं जिससे यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि कहीं ये चमगादड़ हरवीवॉर यानि प्लांट भक्षी भी हो सकते हैं। डॉ. नौटियाल ने बताया कि चमगादड़ दो प्रकार के होते है एक फल भक्षी व दूसरा कीट भक्षी जो कि रात को अपना शिकार करते हैं। चमगादड़ के पैर छोटे व अविकसित होते है इसलिए वे अन्य पक्षियो की तरह जमीन से उड़ान नही भर सकते इसलिए ये पेडों व गुफाओं में उल्टे लटके होते है जिससे इनको उड़ान भरने में आसानी होती है। बस इसी तरह से उल्टे लटके चमगादड़ झील के पेडों को बसेरा बना चुके हैं।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

उत्तरकाशी : परसेंटेज ऑफ वोट आपदा पर पड़ रहा भारी

संतोष साह जिले के अंतिम चरण के पंचायत