उत्तरकाशी : इको सेंसिटिव में सड़कों की हजामत ब्लास्टिंग से,सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेशों को ठेंगा

उत्तरकाशी : इको सेंसिटिव में सड़कों की हजामत ब्लास्टिंग से,सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेशों को ठेंगा

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  • संतोष साह

पहाड़ में सड़कों के लिये ब्लास्टिंग से चट्टान या फिर पत्थर तोड़ने की सख्त मनाही है। फिर इको सेंसिटिव में सडक हो तो ब्लास्टिंग का कोई मतलब ही नहीं बनता और यदि ब्लास्टिंग हो रही है तो यह सरासर सेंसिटिव जोन में जबरन छेड़छाड़ के अलावा एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी अवहेलना है।

आज गंगनानी के पास से खबर आई कि वहाँ सडक के लिये चट्टान तोड़ने में ब्लास्ट किया गया। इसकी हकीकत का टैब पता चला जब चट्टान टूटने के बाद उसके पत्थर चटक कर लोगों के घरों में भी आये साथ ही लोगों के घरों में पत्थर भी गिरे।

इसके अलावा 3 से 4 घंटे तक गंगोत्री मार्ग बाधित भी रहा। कुल मिलाकर ज्यादा मेहनत न करनी पड़े और सडक चौड़ी करने या फिर बेंड खोलने का हिसाब किताब जल्द हो जाये इसलिये बारूद का भी इस्तेमाल कर लिया जाय चाहे वह नियम के विपरीत ही क्यों न हो।

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