जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से मीडिया की भूमिका विषय पर कार्याशाला का आयोजन।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से मीडिया की भूमिका विषय पर कार्याशाला का आयोजन।

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हरिद्वार/सनसनी सुराग

जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत के निर्देशन में आज जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से आपदा प्रबंधन में मीडिया की भूमिका विषय पर जनपद के पत्रकारों के साथ  एक कार्याशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने जनपद में नवीन पहल करते हुए आपदा प्रबंधन में  मीडिया को बड़ा सहयोगी बताया। कार्याशाला में प्रेस क्लब हरिद्वार के अध्यक्ष शिव शंकर जायसवाल, महामंत्री ललितेंद्र नाथ सहित अनेक पदाधिकारी तथा क्लब सदस्य उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी दीपक रावत ने कार्याशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से हमारा पूरा प्रदेश ही संवेदनशील है। इस कारण राज्य और जनपदों में आपदा प्रंबधन का में सूचना, तत्परता, रिस्पाॅस के साथ मीडिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। आगे भी मीडिया से हमेशा सामंजस्य बनाये रखने के लिए इस प्रकार के आयोजना किये जाने की बात कही।

मीडिया घटना या आपदा की स्थिति में सूचना संप्रेषण का एक महत्वूपर्ण तंत्र है। जिला प्रशासन तथा मीडिया के आपसे समन्वय से किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने में बहुत सहयोग होता है। खबरों के संप्रेषण में संवेदनशीलता बरतने अफवाहों से बचने की अपील मीडिया से की। 

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्रीमती मीरा कैंतुरा ने कार्याशाला में अपने वक्तव्य मे पत्रकारों के समक्ष आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जनपद में किये जा रहे आपदा न्यूनिकरण के प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसी भी आपदा से सामना करने तथा आपदा न्यूनिकरण के लिए सही समय पर स्पष्ट सूचना प्राप्त होनेा अत्यंत आवश्यक है। किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन, विभागों का तथा मीडिया के बीच बेहतर तालमेल के उद्देश्य से बात कार्याशाला का आयोजन किया गया है। 

एसपी क्राइम टीसी मंजूनाथ ने भी कार्याशाला को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के दुर्घटना या आपात स्थिति में पुलिस के पहुंचने से पहले मीडिया वहंा मौजूद रहता है। उन्होंने कहा कि सिस्टम का हिस्सा होने के कारण पुलिस से राहत और बचाव की अपेक्षा करना बिल्कुल सही है, लेकिन यदि मीडिया किसी आपात स्थ्तिि में पुलिस से पहले मौके पर है तो मीडिया से भी यह सहयोग अपेतिक्षत है कि वह अपनी खबर या स्टोरी बनाने से पहले उस जरूरतमंद व्यवक्ति या संस्था को मानवता के नाते राहत पहुंचाये। कौन देर से आया यह बाद में खबर होनी चाहिए।

प्रशिक्षु पीसीएस अपर्णा ढौडियाल, जिला सूचना अधिकारी कु. अर्चना, जिला विकास अधिकारी  पुष्पेंद्र चैहान सहित पत्रकार राजेश शर्मा, पीएस चैहान, रजनीकांत शुक्ला, राधिका नागरथ, रामेश्वर गौड, आदि ने भी अपने विचार रखे। 

जिलाधिकारी दीपक रावत ने देवपुर चैक से तुलसी चैक तक अमृत योजना के अंतर्गत किये जा रहे सीवर कार्यो के कारण जाम की स्थिति को समाप्त के लिए बनायी जा रही कार्यायोजना की जानकारी अधिकारियों से लेने चाही। जिलाधिकारी ने स्वंय अधिशासी अभियंता संजय कुमार से कई बार फोर कर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे कोई सम्पर्क नहीं हो पाया। उनके अधीनस्थ अधिकारी सहायक अभियंता आर के त्रिपाठी को उपस्थित होने के लिए फोन किया जिस पर उन्होंने जिलाधिकारी को मुख्यालय देहरादून होने की बात कही। सहायक अभियंता राजेंद्र सिंह ने उनका अवकाश प्रार्थना पत्र कार्यालय में होने की जानकारी जिलाधिकारी को दी। 

जिलाधिकारी ने हरिद्वार में तैनात विभाग के जेई को उपस्थित होने के लिए संपर्क किया जिस सिर्फ दो जेई आरसी कंसवाला, अरूण शर्मा ही हरिद्वार में उपस्थित पाये गये। इसके अतिरिक्त जेई अम्बिका भट्ट, इंदु शर्मा, सोनिया धीमान को जिलाकिधकारी ने अपने कार्यालय आकर मिलने को कहा लेकिन ये भी कार्यालय और फिल्ड में नहीं मिल सके। 

जिलाधिकारी ने अधिकारियों के इस कृत्य को गैर जिम्मेदार मानते हुए अनुपस्थित अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब करने के साथ अग्रिम आदेशो तक वेतन रोकने के आदेश दिये।

उन्हेांने कहा कि यदि स्पष्टिकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता तो उक्त अधिकारियों के विरूद्ध आपदा प्रबंधन एक्त के नियमानुसार बिना बताये अनुपस्थित रहने, फोन बंद करने पर कार्रवाई की जायेगी। 

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