क्रिकेट खेल को कलंकित करता किन्नौर क्रिकेट संघ रिकांगपिओ

क्रिकेट खेल को कलंकित करता किन्नौर क्रिकेट संघ रिकांगपिओ

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  • समर नेगी / किन्नौर

क्रिकेट आज देश का सबसे लोकप्रिय खेल बन गया है और वही दूसरी ओर खेल को कलंकित करने वालो की भी कमी नही है । यह बात हो रही है हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के जनजातीय जिला किन्नौर क्रिकेट संघ की ।जिसने आजकल मैच फिक्सिंग ऑडियो के वायरल होने से क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है ।इस वायरल ऑडियो में किन्नौर क्रिकेट संघ के सचिव द्वारा टीम कैप्टन को किसी एक खिलाड़ी को प्लेयर इलेवन में खिलाने को लेकर मंत्रियों का दबाव बनाया जा रहा है ।यह ऑडियो इन दिनों सोशल मीडिया फ़ेसबुक,व्हाट्सएप्प पर खूब छाया है व हर कोई किन्नौर क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों पर ताने कसते नजर आ रहे है और वही इन पदाधिकारियों को क्रिकेट संघ से बाहर करने की भी सरकार से माँग कर रहे है ।

परन्तु एचपीसीए है कि अभी तक सोई हुई है और न ही इस ओर प्रदेश सरकार ने कोई ठोस कदम उठाया। जबकि प्रदेश मुख्यमंत्री ने वायरल ऑडियो पर आश्वासन देते हुए कार्यवाही करने की बात कही है।
23 अप्रैल 2017 को सीनियर जिला स्तरीय क्रिकेट टीम का चयन बिना कोच, बिना चयनकर्ताओं के करते हुए सबसे पहले दैनिक जागरण ने रंगे हाथों पकड़ा व किन्नौर क्रिकेट संघ के कारनामों का पर्दाफाश किया । इनके कारनामें उजागर होने के बाद किन्नौर क्रिकेट ट्रायल व किन्नौर क्रिकेट संघ का विधायक जगत सिंह और किन्नौर की जनता ने विरोध किया । जिसके डर से किन्नौर क्रिकेट संघ ने 17 वर्ष बाद प्रोफेशनल कोच के तौर पर अमित नेगी को नियुक्त किया। उसके बाद एक बार फिर 10 अप्रैल 2018 को अंडर- 14 राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेने गए किन्नौर टीम के 7 खिलाड़ियों को कागजी कार्यवाही व दस्तावेज पूरा नही होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर बिना खेले किन्नौर वापिस आना पड़ा। जिसके कारण खिलाड़ियों के अविभावकों में बच्चो के पढ़ाई का नुकसान करने पर व बिना खेल खेले वापिस आने पर काफी रोष था व किन्नौर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पूर्व विधायक तेजवंत सिंह व सचिव तारा चंद के कार्यों पर सवालिया निशान उठाया व उन्हें गैर जिम्मेदाराना कहते हुए उन्हें क्रिकेट संघ छोड़ने की बात भी कही। यह खबर अखबार की सुर्खिया बनने के बाद व चारो और किन्नौर क्रिकेट संघ की किरकिरी होने के बाद इस संघ द्वारा बदमाश किस्म के लड़कों द्वारा पत्रकार को फोन पर मारने की धमकी भी दी जाती है ।
इनके इस तरह के कारनामों से परेशान होकर 19 अप्रैल 2018 को खेल प्रेमी जागृति मंच किन्नौर द्वारा उपायुक्त किन्नौर के माध्यम से प्रदेश सरकार व बीसीसीआई को किन्नौर क्रिकेट संघ द्वारा नियमों के विरुद्ध कार्य करने पर उनके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
किन्नौर क्रिकेट संघ का यह खेल यही खत्म नही हुआ जून 2019 में सीनियर किन्नौर टीम जब बिलासपुर जिले में खेलने गई थी तो प्लेयर इलेवन में करण नामक खिलाड़ी को खिलाने को लेकर केंद्रीय मंत्री व प्रदेश मंत्री के नाम पर दबाव बनाया जा रहे ऑडियो के वायरल होने से इनकी पोल खोल कर रख दी। वायरल ऑडियो में किन्नौर क्रिकेट कैप्टन अविनेश नेगी को सचिव तारा चंद द्वारा धमकाया जा रहा है उन्हें उक्त खिलाड़ी को न खिलाने पर उनके ऊपर एक्शन व बेन लगाने की बात भी ऑडियो में कैद है । ऐसे में कैप्टन द्वारा सचिव को तहजीब से बात करने की बात भी कही गई तो सचिव द्वारा आवाज उठाने पर उनके साथ सही नही होगा भी आवाज कैद है । वही सचिव द्वारा कइयों को सुधारने की बात भी कही व कैप्टन को मेरे बारे में नही जानता बोलते नजर आए। इस दौरान सचिव कोच द्वारा सलेक्ट किए गए टीम को भी नकारते नजर आए। एक अन्य ऑडियो में उक्त खिलाड़ी को खिलाने को लेकर चाहे कैप्टन को भी क्यों न हटाने पड़े कहते हुए ऑडियो वायरल हुई है। वही एक और ऑडियो में एक अन्य व्यक्ति द्वारा खुद को अपना हितेषी बताते हुए करन को मैच में खिलाने के लिए अपनी दुहाई देते हुए ऑडियो वायरल हुआ है । वही मंत्रियों द्वारा उन्हें बार बार फोन आने की बात भी कही गई हैं व आने वाले समय में किन्नौर क्रिकेट संघ के पदाधिकारियो को सबक सिखाने की बात भी कही। प्राप्त जानकारी के अनुसार किन्नौर क्रिकेट सचिव के पास क्रिकेट के अलावा दस ग्यारह वर्षो से वॉलीबॉल के अध्यक्ष भी है व इसके अलावा अन्य संगठनो में भी सम्मिलित हैं ।

वायरल ऑडियो में सचिव ताराचंद द्वारा कैप्टन अविनेश नेगी को धमकी देने को लेकर 10 सितंबर को यूथ कांग्रेस ने रिकांगपिओ चौक पर धरना प्रदर्शन करते हुए किन्नौर क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों व सचिव पर धांधली का आरोप लगाते हुए उनके ऊपर कार्यवाही करने की बात कही ।

एसटी मोर्चा जिला अध्यक्ष परविंदर नेगी ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार को चाहिए कि खेल संघ में राजनीतिक दलों व अयोग्य लोगों को प्रमुख दायित्व देने से बचे । जबकि सरकार खेल संघ में केंद्र स्तर पर राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर के अच्छे खिलाड़ी प्रमुख रहे व प्रदेश स्तर पर भी राष्ट्रीय स्तर व कम से कम प्रदेश स्तर के अच्छे खिलाड़ी को ही खेल संघ का प्रमुख रखे ताकि उनके अनुभव व रुचि के द्वारा खेलों में देश- प्रदेश से अच्छे खिलाड़ी तैयार हो और खेल जगत में भी खिलाड़ी हर क्षेत्र के खेल में भारत देश का नाम रोशन कर सके ।

खेल जागृति मंच के अध्यक्ष सुनील नेगी ने बताया कि कप्तान को इस तरह डराना धमकाना सरासर गलत है इससे पहले भी 2007 में अपनी गलती छुपाने के लिए कप्तान अमित नेगी के खेल पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। व अपनी पोल खुलने पर पत्रकारों को धमकाना बंद करे ।
उन्होंने किन्नौर क्रिकेट संघ को बाज आने की बात कही व सरकार से कार्यवाही करने की बात कही ।

इधर इस बारे में कप्तान अनिवेश नेगी ने बताया कि सचिव द्वारा करन को प्लेयर इलेवन में खिलाने को लेकर धमकी दी गई । जबकि अभी 4 मैच खेलना बाकी था । सचिव तारा चंद झूठ बोल रहे है कि करन प्रोफेशनल खिलाड़ी था।

कोच अमित नेगी ने बताया कि जब सचिव ने अपनी चलानी है तो खिलाड़ियों के ट्रायल की क्या जरूरत है । जब उनसे 2007 में उनके खेल के ऊपर बेन लगाने की बात पूछी गई तो उन्होंने कहा कि जुलाई 2007 में सीनियर टीम नादौन में खेलने गए थे तो संघ द्वारा डोकोमेंट्स समय पर नही पहुँचाने व कागजी कार्यवाही पूरा नही होने पर किन्नौर टीम क्रिकेट नही खेल पाई थी जिसपर मीडिया द्वारा पूछे जाने पर सच्चाई सामने रखी गई जिससे नाराज होकर किन्नौर क्रिक्रेट संघ ने मेरे क्रिकेट खेल पर प्रतिबन्ध लगा दिया।

किन्नौर क्रिकेट सचिव ताराचंद को बार बार टेलीफोनिकलि बातचीत करने की कोशिश की गई , परन्तु उनके द्वारा फोन रिसीव नही किया गया । उनके द्वारा जारी वीडियो के अनुसार सचिव तारा चन्द ने बताया कि यह मंगठत व बदनाम करने की साजिश रची गई जबकि दूसरे वीडियो में करण को प्रोफेशनल खिलाड़ी बताने की कोशिश की है ।
जबकि किन्नौर क्रिकेट संघ अध्यक्ष पूर्व भाजपा विधायक तेजवंत सिंह का फ़ोन भी नॉटरिचेवल पाया जा रहा है ।
किन्नौर विधायक जगत सिंह ने बताया कि 1979 से 2000 तक किन्नौर क्रिकेट संघ द्वारा समय समय पर मैच करवाए जाते रहे है जबकि 2000 के बार किन्नौर क्रिकेट संघ पूर्व भाजपा विधायक तेजवंत सिंह व सचिव तारा चन्द के हाथों चला है तब से लेकर आज तक कोई टूर्नामनेंट नही करवाया गया केवल अपनी मनमानी करते रहे है व अपने चहेतों का ही चयन करते रहे है ।आज वायरल ऑडियो ने इनकी धांधलियों का पोल खोल कर रख दी है जिस कारण किन्नौर के टेलेंटेड खिलाड़ी आगे नही बढ़ रहे है । केवल अपनी राजनीतिक लाभ के लिए बाहरी खिलाड़ियों को खिलाया जा रहा है।

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