बाेट के साथ यमुना नदी में निगरानी की शुरू, 41 वी वाहिनी पीएसी के जवान कर रहे हैं निगरानी, गाजियाबाद से 41 वी वाहिनी पीएसी की टीम पहुंची,जिसमें डेड प्लाटून पीएसी के जवान हैं।

बाेट के साथ यमुना नदी में निगरानी की शुरू, 41 वी वाहिनी पीएसी के जवान कर रहे हैं निगरानी, गाजियाबाद से 41 वी वाहिनी पीएसी की टीम पहुंची,जिसमें डेड प्लाटून पीएसी के जवान हैं।

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सनसनी सुराग न्यूज
विशाल भटनागर/डॉ0 रणवीर सिंह वर्मा
कैराना जनपद शामली

*बाेट के साथ यमुना नदी में निगरानी की शुरू*

*41 वी वाहिनी पीएसी के जवान कर रहे हैं निगरानी*

कैराना। यमुना नदी के जलस्तर बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर 41 वी वाहिनी पीएसी कि टीम कैराना यमुना नदी पर पहुंची,जहां टीम ने अपनी निगरानी शुरू कर दी है।
बुधवार को उत्तर प्रदेश हरियाणा सीमा पर स्थित यमुना नदी पर गाजियाबाद से 41 वी वाहिनी पीएसी की टीम पहुंची,जिसमें डेड प्लाटून पीएसी के जवान बताए गए हैं। 41 वी वाहिनी टीम के कमांडर पुरुषोत्तम कुमार के नेतृत्व में टीम ने यमुना नदी में बाेट लेकर अपनी निगरानी शुरू कर दी है। वहीं उत्तरप्रदेश सरकार ने टीम को यमुना नदी पर जमे रहने के निर्देश जारी किए हैं। गौरतलब रहे कि हथिनी कुंड बैराज से 8 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कैराना यमुना नदी ने राेद्ररूप धारण कर लिया था।

*यमुना नदी का जलस्तर घटा प्रशासन ले ली राहत की सांस*

कैराना। यमुना नदी का जलस्तर घटा,प्रशासन ने ली राहत की सांस
बताते चले कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते एंव उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद,जहां उत्तराखंड राज्य के अधिकतर जनपदों में बाढ़ जैसी संभावना देखी जा रही है। वही पिछले दिनों हथिनी कुंड बैराज पर पानी का अधिक दबाव बनने के कारण हथिनी कुंड बैराज से 8 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिसके बाद उत्तर प्रदेश हरियाणा सीमा पर स्थित यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान काे पार कर गया था,जिससे हरियाणा की ओर कटान होने के कारण गौशाला,वह किसानों की फसलें जलमग्न हो गई थी। इतना ही नहीं कैराना स्थित मवी,हैदरपुर,रामडा आदि गांवों में किसानों की फसलें पानी घुसने के कारण नष्ट हो गई हैं। वही गत मंगलवार सिंचाई विभाग का कार्यालय भी पानी में डूबता नजर आया था। वहीं बुधवार को उत्तर प्रदेश हरियाणा सीमा पर स्थित यमुना नदी का जलस्तर २३० मीटर 60 सेंटीमीटर दर्ज किया गया,जो कि खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच गया है। यमुना का जलस्तर घटने के साथ ही जहां जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। वही गांव मवी,रामडा,हैदरपुर आदि कैराना के किसानों की डूबी फसलों से भी पानी धीरे-धीरे कम होने लगा। गाैरतलब रहे कि हथिनी कुंड बैराज से 8 लाख क्यूसेक पानी छोड़ेगी जाने के बाद,यमुना नदी उफान पर आ गई थी वही प्रशासन ने भी यमुना नदी को ऊफान पर देखते हुए,अलर्ट जारी कर दिया था। तथा वही ग्रामीण लोगों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए थे। लेकिन यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे घटना के बाद बुधवार को जिला प्रशासन के साथ साथ ग्रामीण लोगों ने भी राहत की सांस ली।
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*उपजिलाधिकारी व तहसीलदार ने किया निरीक्षण*

*यमुना नदी के जल स्तर का लिया जायजा*

कैराना। उपजिलाधिकारी व तहसीलदार रणवीर सिंह ने बुधवार को भी यमुना नदी ब्रिज का निरीक्षण करने के साथ यमुना के जलस्तर की स्थिति का जायजा लिया। जिसके बाद उप जिलाधिकारी डॉ अमित पाल शर्मा ने मौजूद सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता व कर्मचारियों,लेखपालाे को सतर्क रहने के साथ-साथ पल पल की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

 

 

कैराना। यमुना नदी का जलस्तर घटने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी भी कार्यालय पर जमे रहे। उधर केंद्रीय जल आयोग की टीम के प्रभारी लोकेंद्र के अनुसार यमुना का जलस्तर घटा है,उन्होंने बताया कि बर्निंग लेवल से 54 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि यमुना का जलस्तर घटने के बाद केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय पर रिपोर्ट दी गई है।

 

 

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सनसनी सुराग न्यूज तसलीम आलम/डॉ0 रणवीर सिंह वर्मा