उत्तरकाशी : 1961 के बाद एक बार फिर भारत-तिब्बत सीमा में पुरानी रौनक व संस्कृति की झलक बहाल करने की तैयारी

उत्तरकाशी : 1961 के बाद एक बार फिर भारत-तिब्बत सीमा में पुरानी रौनक व संस्कृति की झलक बहाल करने की तैयारी

- in article, states, Uttarakhand, Uttarkashi
149
0
@admin
  • संतोष साह

सीमा से पलायन रोकने के साथ ही वहां की संस्कृति को कायम रखने,पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये होम स्टे योजना को साकार करने के उद्देश्य से उत्तरकाशी जिले से लगने वाली तिब्बत सीमा के दिन भी अब बहुरने वाले हैं। सरकार में मुख्यमंत्री सीमांत योजना का एक प्लान गठित होने जा रहा है।

जिसको लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भी जानकारी दी है। इस मुख्यमंत्री सीमांत योजना के तहत सीमा से लगे गांवों में कुछ बेहतर करने की तैयारी है। दरअसल गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने मुख्यमंत्री से उत्तरकाशी जिले में जनजाति बहुल के जाड़ समुदाय के लोगों के किसी सार्वजनिक स्थल के विकास को लेकर मदद की बात की थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सीमांत योजना के तहत सीमांत गावों के कार्य व विकास करने की बात कही साथ ही मुख्यमंत्री ने सीमांत जादुंग में भी फिर से घर बनाने और वहाँ वही पुरानी रौनक बहाल होने तक की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने जिले के सेंसिटिव एरिया जो कि इनर लाइन की बंदिश में हैं और जो पर्यटन, साहसिक पर्यटन में भी रोड़ा बने हैं उनमे ढील दिए जाने को लेकर भारत सरकार से बातचीत किये जाने की भी बात कही है। सीमांत गांवो को लेकर विधायक गोपाल रावत का कहना है कि होम स्टे योजना से पर्यटन बढ़ेगा। जादूंग में भी होम स्टे योजना से वहां रौनक बढ़ेगी और पर्यटन से भी आमद बढ़ेगी। उन्होंने सरकार द्वारा इनर लाइन की बंदिशों में राहत के प्रयास किये जाने की भी बात कही।
उल्लेखनीय है कि 1961 में भारत-चीन युद्ध के बाद सामरिक दृष्टि से सीमा पर बसे गांव जादुग,पीडिया के जाड जनजाति समुदाय के लोगों को हर्षिल(बगोरी)व डुंडा में बसाया गया था। 1961 से पहले उक्त सीमा से व्यापार भी हुआ करता था जो भारत-चीन युद्ध के बाद बंद हो गया। सीमा के उक्त गांव जाड़ जनजाति के लोगों की धार्मिक मान्यताओं से भी जुड़े हैं। साल में एक बार यहां जाड़ समुदाय के लोग एक धार्मिक आयोजन को लेकर भी पहुंचते हैं।

इधर 60 साल के बाद एक बार फिर से ठीक लोसर पर्व के मौके पर सीमा पर बसने वाले गांव में पुरानी रौनक को लौटाने व संस्कृति की झलक बहाल करने की कवायद को अच्छा संकेत माना जा रहा है।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

उत्तरकाशी : प्रधानमंत्री मोदी की रविवार 9 बजे की अपील पर आमजन हिस्सेदार बन कोरोना को चुनौती दें : गोपाल

संतोष साह विधायक गोपाल रावत ने रविवार को