मेरठ : हिंदुत्व का नया चेहरा बनकर उभरते अमित जानी,

मेरठ : हिंदुत्व का नया चेहरा बनकर उभरते अमित जानी,

- in Meerut, states, Uttar Pradesh
95
0
@admin
  • खालिद इक़बाल / मेरठ

आगामी लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी जितनी गंभीर दिख रही है,उससे कहीँ ज्यादा गंभीर उसकी राहें रोकने के लिए उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जानी दिखाई पड़ रहे है।राजनितकार मौजूदा वक्त में उनकी राजनीति के दो मायने निकाल रहे है।

एक तो वह सिर्फ ख्याति पाना चाहते है या फिर खुद को हिंदुत्व का असली चेहरा साबित करने की फिराक में है।हालांकि अमित की इस राजनीति के भविष्य के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी,लेकिन जिस तरह उन्होंने अपने प्रत्याशी घोषित किये है,उससे एक बात साफ नजर आ रही है कि वह हिन्दुत्व स्थापित करना चाहते है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी का इस समय भाजपा से छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है और इसी आंकड़े के कारण हाल ही में अमित जानी को सप्ताह भर से ज्यादा कासना जेल में रहना पड़ा।अमित जानी ने पहले आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर अपने प्रत्यशियों की घोषणा की और उन लोगो को प्रत्याशी घोषित किया,जिन पर मुस्लिम समाज के लोगो की हत्या का आरोप है।

इन प्रत्यशियों में अख़लाक़ और जुनैद जैसे चर्चित हत्याकांडों से जुड़े लोग शामिल है।अमित जानी का इस तरह प्रत्यशी घोषित करना,उनकी हिंदूवादी छवि को दर्शा रहा है।हालांकि अमित जानी इस बारे में कहते है कि अभी इन लोगो पर आरोप तय नही हुए है।दूसरा भाजपा के नेताओ को लेकर अमित जानी का पारा लगातार बढ़ता जा रहा है।हाल ही में बिसहाड़ा में पंचायत के आयोजन को लेकर अमित जानी का टकराव हुआ।अमित को पुलिस ने जेल भेज दिया और इसका आरोप भाजपा सरकार पर लगा।अमित जानी का कहना है कि पुलिस और प्रशासन भाजपा के दबाव में कार्य कर रहा है।लेकिन जनता आगामी चुनाव में भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देगी।देखा जाए तो ख्याति पाने का कारनामा तो अमित जानी बसपा सुप्रीमो मायावती की मूर्ति तोड़कर दिखा चुके है।अब तो शायद वह खुद को हिंदूवादी साबित करने में लगे है।

पिछले कुछ दिनों में अमित जानी द्वारा लिए गए फैसले भी इसी तरफ इशारा कर रहे है।राजनीति की बारीक समझ रखने वाले कुछ लोग भी इस बात को मान रहे है कि अगर इसी तरह अमित जानी भाजपा की बगावत करते रहे तो शायद हिंदूवादी चेहरा साबित हो जाये,नही तो ख्याति मिलने में फिलहाल कोई कसर नही दिख रही है।केन्द्र हो या प्रदेश सरकार,शासन हो या प्रशासन,पुलिस हो या पब्लिक अमित जानी नया नाम नही रहा।अब लखीमपुर खीरी क्षेत्र की निघासन सीट पर होने वाले उपचुनाव में उतरने की घोषणा उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के इस युवा अध्यक्ष ने कर दी है। लोकसभा से पहले उपचुनाव में किस्मत आजमाने की घोषणा नए दल के लिए आत्मघाती कदम होता है! कोई भी पार्टी अध्यक्ष ख़ुद चुनाव मैदान में हो और नतीजा निराशाजनक हो अथवा प्रदर्शन खराब हो जाये तो लोकसभा के गुब्बारे की हवा पहले ही निकल जाएगी, फिर भी अतिआत्मविश्वास से भरे अमित जानी अपने अतिहिंदुवादी चेहरों के साथ लोकसभा चुनाव में जाने से पहले निघासन उपचुनाव में खुद चुनाव लड़ने जा रहे है! अब उपचुनाव से ही नवगठित उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना और अमित जानी का कद तय होना है! लोकसभा के फाइनल राउंड से पहले उपचुनाव अमित जानी के लिए सेमीफाइनल प्रतियोगिता है।अमित जानी का कहना है कि यदि निघासन जीत गए तो उत्तर प्रदेश में एक नए हिंदूवादी नेता के उदय को तय मानिए और अगर ऐसा हुआ तो फिर महाराष्ट्र की शिवसेना की तरह उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना भी यूपी में भाजपा के विकल्प के रूप में उभर के आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

शामली जनपद की कमान मृदुभाषी एवं व्यवहार कुशल पुलिस कप्तान अजय कुमार के हाथों में

 कप्तान डा. अजय पाल शर्मा एवं दिनेश कुमार