राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही विवादों में अमित जानी

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही विवादों में अमित जानी

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  • खालिद इक़बाल/ मोहम्मद रविश

मेरठ।प्रगतिशील समाजवादी पार्टी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जानी और विवादों का साथ चोली दामन का रहा है।जिसका पुख्ता प्रमाण यह है कि अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार मेरठ दौरे पर आए और जिस जिलाध्यक्ष को शिवपाल यादव ने नियुक्त किया था,उसे ही हटाकर दूसरी नियुक्ति कर दी।जिससे मेरठ संगठन में गुटबाजी का दौर शुरू हो गया।
गौरतलब है कि अखिलेश यादव से अलग होकर शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन किया था। हालांकि काफी प्रयासो व मेहनत के बावजूद पार्टी लोकसभा चुनाव में कोई करिश्मा नही दिखा पाई और प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल यादव समेत सभी प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा। पार्टी निर्माण के समय से ही मेरठ के जिला संगठन में घमासान मचा हुआ है, तथा गुटबाजी अपने चरम पर है। काफी दिनों से मेरठ में शांत पड़ी पार्टी में प्रसपा युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जानी के दौरे ने हलचल पैदा कर दी।

शनिवार को प्रसपा युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जानी ने जिलाध्यक्ष शशि पिंटू राणा के आवास पर प्रेस वार्ता करते हुए विंग के जिलाध्यक्ष रोहित मोतला को निष्क्रिय बताते हुए विशाल शर्मा को नियुक्त कर दिया।जैसे ही यह खबर समाचार पत्रों में छपी तो रविवार की मोदीपुरम स्थित एक रेस्टोरेंट में पूर्व जिलाध्यक्ष अभिषेक गुर्जर सहित कई फ्रंटल ज़िलाध्यक्षो की मौजूदगी में प्रेस वार्ता करते हुए रोहित मोतला ने पार्टी द्वारा पदाधिकारी बदलने के लिये अनुमति लेने की प्रक्रिया को आवश्यक बताते हए खुद के पद पर बने रहने का दावा किया तथा पार्टी जिलाध्यक्ष शशि राणा व मण्डल प्रभारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रसपा युवजन सभा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जानी को ग़लत सूचना देने का आरोप लगाया। रोहित मोतला ने कहा कि किसी भी जिलाध्यक्ष को हटाने का निर्णय कमेटी लेगी।अहम सवाल ये है कि अब मेरठ युवजन सभा ज़िलाध्यक्ष किसे माना जाए।

वही पहले से ही हाशिये पर खड़ी पार्टी के भविष्य पर भी सवालिया निशान लग गया है।लेकिन जिस तरह अमित जानी ने एक ही झटके में शिवपाल की ही नियुक्ति को रद्द कर दिया,उससे साफ जाहिर है कि प्रसपा का संगठन अब घर बैठकर नही चलेगा।अब देखना यह है कि अमित जानी के द्वारा की गई इस नियुक्ति के बाद गुटबाजी बढ़ेगी या संगठन।
वही देर शाम पूर्व जिलाध्यक्ष अभिषेक गुर्जर व वर्तमान ज़िलाध्यक्ष शशि राणा की नोकझोंक भरी कॉल रेकॉर्डिंग वायरल हो गयी जिसने गुटबाजी को चरम पर पहुँचा दिया। ऐसा लगता है कि अब पार्टी में अनुशासन तार तार हो चुका है।

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