अल्मोड़ा: डीएम ने चिकित्सालयों के सुधारीकरण सहित अन्य व्यवस्थाओं को ठीक करने के दिए निर्देश

अल्मोड़ा: डीएम ने चिकित्सालयों के सुधारीकरण सहित अन्य व्यवस्थाओं को ठीक करने के दिए निर्देश

- in Almora
50
0
अल्मोड़ा – जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ-साथ अल्ट्रासाउण्ड मशीनो की समय-समय पर निरीक्षण करने एवं कायाकल्प योजना के तहत चिकित्सालयों के सुधारीकरण सहित अन्य व्यवस्थाओं को ठीक करने के निर्देश चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारियों को दिये। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर तम्बाकू के दुष्प्रभाव के प्रति लोगो को जागरूक करने सहित राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने आदि पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रधान डाकघर से शिखर होटल तक माल रोड क्षेत्र मंे पुलिस विभाग की सहमति के बाद धूम्रपान निषेध क्षेत्र घोषित किया जाता है यदि इस क्षेत्र में कोई व्यक्ति धूम्रपान करते हुए पाया जायेगा तो नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। इसी तरह उन्होंने स्कूलों, मन्दिरों, सार्वजनिक स्थानों पर भी धूम्रपान निषेध आज्ञा लगाने की बात कही। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि एक-एक चालान बुक सभी विभागाध्यक्षों को भी उपलब्ध करायी जाय ताकि वे चालान कर सकें। अल्मोड़ा को तम्बाकू रहित करने हेतु जो भी कदम उठाये जा रहे है उसके बारे में भी जानकारी प्राप्त की। सिगरेट तथा अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष चर्चा की।
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर परिवार नियोजन करने के बाद जो मामले असफल हो रहे है उनके बारे में जानकारी प्राप्त की और उसके कारणो को भी जाना और कहा कि इस पर हमे विशेष ध्यान देना होगा। इसके अलावा एफ0पी0आई0एस0 केस, एम0डी0आर0 केसो पर चर्चा की और कहा कि प्रत्येक चिकित्सालय में इसकी विस्तृत सूचना उपलब्ध रहनी चाहिए। शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर को जानने के लिए भी उन्होंने विशेष सर्तकता बरते के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि चिकित्सा विभाग अपने यहाॅ प्रत्येक सूचना को अद्यतन रखे इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिकित्सालय अपने चिकित्सालयों को सुसज्जित रखने के साथ ही उपलब्ध संसाधनों का उपयोग अधिकाधिक करने के लिए लोगो को जागरूक करने की बात कही। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिरक्षण कार्यक्रम, हीमोफिलिया रोगियों तथा धौलादेवी व रानीखेत में सुलभ इन्टरनेशनल द्वारा निर्मित शौचालयों के अवशेष धनराशि के अवशेष भुगतान के बारे में भी चर्चा की।
जिलाधिकारी ने कहा कि जन मानस में भ्रूण लिंग जानने के लिए चिकित्सक से सम्पर्क करने पर अधिनियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही स्वास्थ्य विभाग करे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में गुडडी-गुडडा बोर्ड एवं इलैक्ट्रानिक स्क्रोल बोर्ड जिला कार्यक्रम विभाग के माध्यम से कराया जाय। उत्तराखण्ड राज्य में तमिलनाडु राज्य की तर्ज पर भ्रूण हत्या रोको बालिका बचाओं परियोजना को संचालित किये जाने पर भी चर्चा हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र द्वाराहाट में स्थापित अल्ट्रासाउण्ड मशीन का संचालन यदि सम्भव हो सके तो उसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आपस में विचार-विमर्श कर इस पर निर्णय लें। उन्होंने अल्ट्रासाउण्ड मशीनों का औचक निरीक्षण करने की भी बात कही। इस महत्वपूर्ण बैठक मंे जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि आम लोगो मंे मातृ एवं शिशु मृृत्यु दर कैसे रोकी जा सके इसके प्रति कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता पैदा की जाय साथ ही प्रसव को सरकारी चिकित्सालय में ही कराने के लिए लोगो को प्रोत्साहित किया जाय इसके लिए ए0एन0एम0, आशा कार्यकत्री, आॅगनबाड़ी कार्यकत्री को विशेष पहल करनी होगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 विनीता साह, प्रमुख चिकित्सक जिला चिकित्सालय निशा पाण्डे, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 सविता हंयाकी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रकाश वर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक बेस टी0डी0 रेखोलिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बेस एस0सी0 गड़कोटी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला चिकित्सालय डी0एस0 गब्र्याल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ए0के0 सिंह, डा0 योगेश पुरोहित, शासकीय अधिवक्ता गिरीश चन्द्र फुलारा, ग्रास संस्था के गोपाल सिंह चैहान, डा0 ललित पंत, नीतू कपकोटी, दीप भटट, जिला शिक्षाधिकारी एच0बी0 चन्द्र सहित अन्य स्वास्थ्य व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

शशिकांत दास बने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए गवर्नर

डॉ रणवीर सिंह वर्मा उर्जित पटेल के इस्तीफे