25 साल की चौधर गई, 23 साल बाद सर्वसम्मति का रिकॉर्ड टूटा

25 साल की चौधर गई, 23 साल बाद सर्वसम्मति का रिकॉर्ड टूटा

- in Haryana, Rohtak
364
0

रोहतक। रोहतक के मदीना गिंधरान में 25 साल से सरपंची पर कब्जा जमाए सियासी घराने को 25 वर्षीय प्रत्याशी अंजू ने हराया। अंजू के पति जगवीर दिल्ली में रक्षा मंत्रालय में एलडीसी के पद पर तैनात हैं। गांव में सुनील 1991 में सरपंच बने तो उनकी पत्नी सोमलता ब्लॉक समिति सदस्य। 1994 में सोमलता सरपंच तो सुनील ब्लॉक समिति सदस्य बने। 2000 से 2005 तक सुनील फिर सरपंच रहे और उनकी पत्नी ब्लॉक समिति सदस्य। 2010 में गांव की चौधर फिर सोमलता को मिली तो सुनील ब्लॉक समिति में चुने गए। सोमलता इस बार भी उतरीं, लेकिन हार गईं।

दांगी के गांव में बदलाव, करण प्रधान बने, ग्रामीणों ने बताया आजादी का दिन
विधायक आनंद सिंह दांगी के गांव मदीना कोरसान में तीन योजना से सरपंच बनते आ रहे एक गुट की सियासत को हार का मुंह देखना पड़ा। गांव में तीसरी बार चुनाव लड़े करण सिंह फौजी उर्फ करणा को 163 वोटों से जीत मिली। उन्हें 1162 वोट मिले हैं। उन्होंने संदीप उर्फ भुंडू को हराया। 51 वर्षीय करण सिंह रिटायर्ड फौजी हैं। वहीं, ग्रामीणों ने इस जीत को आजादी का दिन बताया और बोले कि अब दबाव की राजनीति नहीं चलने देंगे। विजेता करण सिंह ने कहा कि यह गांव की जीत है। इसके लिए पूरे गांव ने साथ दिया है। यहां बूथ नंबर 1 व 2 पर मतगणना के दौरान आपत्ति उठाई गई तो एसपी शशांक आनंद सुरक्षा बल के साथ खुद मौके पर गए और मतगणना होने तक वहीं डटे रहे।

सांसद दुष्यंत चौटाला के गोद लिए जींद के गांव मखंड में ग्रामीणों ने 23 साल बाद सरपंची के लिए वोट डाले और गांव के बसाऊराम को सरपंच चुना। बसाऊराम 80 वोट से चुनाव जीते। इससे पहले ग्रामीण सर्वसम्मति से गांव का सरपंच चुनते आए हैं। गांव में कुल 2640 मतदाता है। इस बार आठ उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे। सरपंच के लिए सर्वसम्मति न होने का ग्रामीणों को मलाल था, लेकिन शांतिपूर्वक हुए चुनाव से ग्रामीण काफी खुश नजर आए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

हड़ताल का रेवाड़ी रोडवेज डिपो पर कोई असर नही,सुचारू रूप से चल रही है बसें

सुनील वर्मा / हरयाणा | हड़ताल का रेवाड़ी