माघ मेला 2019 मे भी सरकारी स्टालों से मिलता न देख,तो कोई न देख

माघ मेला 2019 मे भी सरकारी स्टालों से मिलता न देख,तो कोई न देख

- in Uttarkashi
151
0

 

संतोष साह / उत्तरकाशी

2019 के माघ मेले में सरकारी स्टालों की बेकद्री भी कम नहीं हुई है। सरकारी स्टालों से किराया, धेला मिलता न देख उन्हें ऐसे स्टाल उपलब्ध कराए गए जो मेले में आये लोगों को दूर से झांकने तक सीमित करा दिए गए। मैदान मे जो दुकानें छप्पर के अंदर लगी उसमे सबसे तंग गली बनाकर उसके दोनों ओर सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के स्टॉल लगाने के लिये जिला पंचायत ने जो मेहरबानी की उसका लाभ मेले में आये लोगों को जिला पंचायत की मेहरबानी से नहीं मिला। गौरतलब है कि विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी स्टालों मे आम जन के लिये महत्वपूर्ण जानकारी के साथ ही अन्य चीजें भी उपलब्ध होती है। कोई व्यक्ति, महिला, बुजुर्ग, युवा किसी स्टाल से कोई जानकारी लेना या जुटाना चाहे तो पहले उसे स्टाल के आगे कम से कम खड़े होने की जगह तो मिलनी चाहिए। यहां तो हालात ऐसे हैं कि यदि कोई स्टाल के आगे खड़े होने की कोशिश भी कर रहा था तो स्टालों की बनी संकरी गली में भीड़ के साथ चलने वाले धक्कों मे उसे ये भी पता नहीं चल पा रहा कि वह उसी स्टाल मे है या फिर कहीं दूसरे स्टाल मे पहुंच गया है। वैसे पिछले दो तीन वर्षो के मेले में यह देखने को मिल रहा है कि माघ मेले में सरकारी स्टालों की एक तरह से फजीहत ही हो रही है जबकि पहले के वर्षो मे सरकारी स्टालों को सबसे अधिक स्पेस दिया जाता था। सरकारी स्टालों की दोनो ओर अलग से रो होती थी। लोग आसानी से सरकारी स्टालों का लाभ उठाते थे। खासकर तब पशुपालन, कृषि, उद्यान के स्टालों से ग्रामीण इलाकों से मेला देखने आये लोगों को काफी लाभ भी मिलता था। लेकिन अब ऐसा कुछ नही दिखाई देता। अब तो पूरे मेला मैदान में रेडीमेड के सिवा कुछ नजर ही नहीं आता है क्योंकि यह मेला कमाई का जो साधन बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

भ्रष्टाचार में डूबी हुई व भ्रष्टाचार में लिप्त कोंग्रेस की यूपीए सरकार को देश की जनता ने जड़ से उखाड़ फेंका है: रूपा शर्मा।

समर नेगी किन्नौर हिमाचल प्रदेश भ्रष्टाचार में डूबी