शक्ती पीठ पर शीश झुकाने आते तो हें सब, पर प्यासे की प्यास बुझाने की पहल क्यूं नही करते

शक्ती पीठ पर शीश झुकाने आते तो हें सब, पर प्यासे की प्यास बुझाने की पहल क्यूं नही करते

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  •  धर्मेन्द्र सोनी / सनसनी सुराग

राजस्थान : शक्ती पीठ पर शीश झुकाने आते तो हें सब पर प्यासे की प्यास बुझाने की पहल क्यूं नही करते जनप्रतिनिधी व अधिकारी।

राजस्थान के बांसवाडा जिले को लघु काशी यानी लोडी काशी के नाम से जाना जाता है, इस पवित्र जमी पर लोग धर्म आस्था लेकर यहां के तीर्थों पर शीश झुकाने तो मंत्री से लेकर आमजन रोजाना आते हैं पर दुर्भाग्य की बात है की यहां सोम कमला माही अनास जैसी बडी नदीयां भी पूरे वैग के साथ हिटकोले मैरती है, बांसवाडा डुंगरपुर की सीमा पर बैणेश्वर, बांसवाडा मे त्रीपुरा सुंदरी, वही थीछ मे ब्रह्मा जी व पांडवो की अग्यातवास, धोटीया आंबा, मठ मंगलेश्वर जैसे धार्मिक स्थान अपनी पहचान रखते है, वहीं बांसवाडा जिले की कुशलगढ तहसील क्षैत्र में मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित पाटन ग्राम पंचायत से महज तीन किलो मिटर दूर सरोना गांव में शक्ती पीठ मातारानी चौसठ जैगणिया का शक्ती पिठ है, जहां मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र के भक्त मातारानी के दरपर शीश झुकाने आते हैं, यंहा मंदिर समिती की ऐर से दो धर्मशालाएं भी हैं, लेकिन यंहा पर लगे दोनो हेंड पंप पिछले एक माह से खराब पडे हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं देते हम आपको बतादें की इस पवित्र शक्ती पिठ पर राजा रंग, पुजारी, पंडित सब तो आते हैं पर मंदिर पर लगे हैंड पंपो की और कोई ध्यान नही देते एसा क्यूं , क्या शीश झुकाने वाले इस और ध्यान देगें या नही यह तो वक्त ही बताएगा।

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