लीची खाने से हो सकती है मौत

लीची खाने से हो सकती है मौत

  • नई दिल्ली / अखिलेश कुमार

यूं तो लीची लोगों के सबसे पसंदीदा फल में से एक होती है और लोग इसे बहुत स्वाद लेकर खाते हैं। यूँ तो लीची खाने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य होगा की लीची खाने से मौत भी हो सकती है।दरअसल बिहार में रहस्यमय तरीके से कई लोगों की मौत हो चुकी है। और अब इस बात का खुलासा हुआ है की ये मौत लीची खाने से हुई है। भारत और अमेरिका के वैज्ञानिकों ने एक नया खुलासा किया है जिसमे बताया गया है की खाली पेट लीची खाने से जान जा सकती है। लीची की उपज सबसे अधिक बिहार में होती है और वहां इस दौरान वहां बच्चों की संदिग्ध मौत की घटनाएं सामने आना शुरू हो जाती हैं और इसके पीछे का कारण है उनका खाली पेट लीची खाना। बिहार में बच्चों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ था 1990 के दशक में जब गर्मियों में एक ही तरीके से कई बच्चों की मौत की घटनाएं सामने आने लगी। प्रतिवर्ष 100 से भी ज्यादा बच्चों की एक ही तरह से मौत की ख़बरें सामने आने लगी। आश्चर्य की बात ये थी की ये सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ थे लेकिन इसके बावजूद उन्हें अचानक चक्कर आता बदन अकड़ जाता और फिर वे बेहोश हो जाते और ऐसी स्थिति में उनकी मौत हो जाती थी लेकिन डॉक्टर्स भी इस बात का पता लगाने में असफल रहे की आखिर बच्चों की इस तरह से मौत हो क्यों रही है। लेकिन अब अमेरिका और भारत के वैज्ञानिकों ने इस तरह से होने वाली मौत के पीछे के कारण का खुलासा किया है और दावा किया है की ये मौतें हाइपोग्लिसिन ए और मिथाइलेन्सा इक्लो प्रोपाइल्गिसीन नामक जहरीले तत्वों के कारण हुई हैं जो लीची में पाए जाते हैं। साधारणतः तो ये तत्व हमारे शरीर को जानलेवा नुकसान नहीं पहुंचाते लेकिन खाली पेट इस तत्वों का असर ज़्यादा घातक होता है। लीची में पाए जाने वाले इन जहरीले तत्व शरीर में ग्लूकोज के निर्माण में रूकावट बनते हैं और शरीर में जाकर ये खून में शुगर की मात्रा को अचानक कम कर देते हैं जिससे सेहत अचानक ख़राब हो जाती है। इससे शरीर अकड़ जाता है और मरीज बेहोश हो जाता है साथ ही उसके मस्तिष्क में बहुत ही खतरनाक सूजन हो जाती है और ऐसी स्थिति में मरीज की मृत्यु हो जाती है। ये सभी लक्षण बिहार में उन बच्चों में भी पाए गए थे जो इस तरह की मौत का शिकार हुए।
कैरेबियाई द्वीपों में भी ऐसे ही संदिग्ध मौतों के मामले सामने आये थे और वहां एकी नामक फल की वजह से ऐसा हो रहा था। एकी में भी लीची की तरह हाइपोग्लिसिन जहरीला तत्व पाया जाता है। जब कैरेबिया में हुई रिसर्च के नतीजों में ये सामने आया की ये मौतें एकी नामक फल खाने से हो रही हैं जिनमे हाइपोग्लिसिन जहरीला तत्व पाया जाता है तो फिर इस रिसर्च का मिलान बिहार के मुज्जफरपुर में हुई मौतों से किया गया जिसमे सभी लक्षण और कारण एक जैसे पाए गए। इसके आधार पर ही वैज्ञानिकों ने ये दावा किया की बिहार के मुज्जफरपुर में होने वाली मौतों का कारण भी लीची ही है। अब मुज्जफरपुर के लोगों को आगाह किया गया है की वो अपने बच्चों को ज्यादा लीची ना खिलाएं और खाली पेट तो बिलकुल भी लीची ना खिलाएं। साथ अधिकारियों द्वारा ये भी सूचना जारी की गई की जो बच्चे हाइपोग्लि कैमिया या लो ब्लड शुगर के पीड़ित हैं उन्हें तुरंत इमरजेंसी इलाज उपलब्ध कराया जाये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

वर्तमान सरकार ने 6 माह का कार्यकाल पूरा कर लिया

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में