गाय की सेवा से कर सकते हैं 33 koti देवी देवताओं को प्रसन्न ..साध्वी वैष्णवी भारती जी !

गाय की सेवा से कर सकते हैं 33 koti देवी देवताओं को प्रसन्न ..साध्वी वैष्णवी भारती जी !

- in Saharanpur, Uttar Pradesh
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hसतीश सेठी /ब्यूरोचीफ /सहारनपुर /सनसनीसुराग न्यूज़

गाय की सेवा से कर सकते हैं 33 कोटि देवी देवताओं को प्रसन्न ..साध्वी वैष्णवी भारती जी
गौ बचेगी तो ही प्रगति कर सकेंगा देश.. साध्वी वैष्णवी भारती जी
गाय के दूध से होते हैं अनेक रोग समाप्त.. साध्वी वैष्णवी भारती जी
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से साउथ सिटी दिल्ली रोड पर श्रीमद् भागवत महापुराण साप्ताहिक कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया !

कथा के षष्ठम दिवस में सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री वैष्णव भारती जी ने भगवान श्री कृष्ण जी की मथुरा गमन लीलाओं का वर्णन किया उन्होंने बताया कि कंस के आज्ञा अनुसार अक्रूर जी कन्हैया और दाऊद को मथुरा लिवा लाने के लिए वृंदावन की ओर बढ़ रहे हैं !
सारे गांव के अंदर यह समाचार जंगल में आग की तरह फैल गया कि कन्हैया हम सब को छोड़ कर जा रहा है सभी उनसे मिलने के लिए नंद जी के आंगन में एकत्रित हो गए सभी ग्वाल और गोपियां कन्हैया को बहुत भाव भीनी विदाई देते हैं वह निकुंज गलियां ,जिनमें कभी जीवन मुस्कुराया करता था आज रुहांसि सी थी एक अजीब सी उदासी से भरा हुआ था सारा गांव !प्राण से विहीन देह की क्या दशा हो सकती है !जिसकी आत्मा ही निकल जाए वह कैसे जीवंत दिखेगी ! वहां के प्राण श्री कृष्ण थे ! आत्मा थे , जब वे मथुरा गए तो सारा गांव शव बन गया जब अक्रूर जी उनको रथ पर बैठाकर मथुरा की ओर ले गए! प्रभु श्रीकृष्ण धर्म की स्थापना हेतु प्रस्थान कर गए !
धर्म की स्थापना के लिए कानहा गोपाल भी बने !

गोसेवा पूजन का महत्व समझाया….. महाभारत में अनेक उदाहरण हमें गौ माता के सम्मान एवं रक्षण की प्रेरणा देते हैं !विष्णुधर्मोत्तर पुराणों में कहा गया है कि गाय की सेवा से आप 33 करोड़ देवी देवताओं को प्रसन्न कर सकते हैं गौमाता के पंचगव्य की बात करें तो उसमें गोमूत्र को वैदिक काल से हमारे लिए लाभप्रद माना गया है 400 से अधिक लोगों का उपचार इसी से संभव है प्राचीन भारत में किसान भूमि में रोपित करने से पूर्व धरती पर गोमूत्र छिड़ककर उसे स्वच्छ बनाते थे इसे गोमूत्र संस्कार कहा जाता था ! गाय के दूध को सात्विक मेघ शक्ति बढ़ाने वाला ,,अनेक रोगों को समाप्त करने वाला कहा गया ! गाय को मां उसकी आध्यात्मिकता एवं वैज्ञानिकता के कारण कहा गया ! परन्तु अवध्या कहा जाने वाली मां को काटा क्यों जा रहा है, मंगल पांडे ने जिस गाय की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति दी हमें उसके संरक्षण संवर्धन के लिए कदम उठाने होंगे ,उन्होंने श्री आशुतोष महाराज जी द्वारा चलाये जा रहे कामधेनु प्रकल्प के बारे मे बताया जाता है !
जिसके अंतर्गत दिव्य ज्योति जाग्रति संसथान भारतीय देसी नस्ल की गौ प्रजातियो के सवर्धन हेतु कार्य कर रहा है !गौ के नस्ल सुधार पर कार्य किया जा रहा है !जो दुर्लभ प्रजातिया हो रही है उनको संरक्षित किया जा रहा है क्योकि गौ बचेगी तो देश प्रगति करेगा !

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