कुशलगढ: पिता गुंगा, माता बहरी, बच्ची लक्ष्मी अंधी, रहने को टुटी टापरी, सरकारी योजना से कोसो दुर, राम रुठा तो राज भी रुठा

 कुशलगढ: पिता गुंगा, माता बहरी, बच्ची लक्ष्मी अंधी, रहने को टुटी टापरी, सरकारी योजना से कोसो दुर, राम रुठा तो राज भी रुठा

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  •  धर्मेंन्द्र सोनी / सनसनी सुराग

एक और केन्द्र से लेतर राजस्थान सरकार गरीब आदिवासीयो के लिए योजनाऔ का पीटारा खोल कर गरीब आदिवासी के वोट लेकर सत्ता के सिंहासन पर सत्ता का सुख तो भोगती है वही क्षैत्र मेॉ गरीब आदिवासीयो के लिए अनेक प्रकार की यजनाए लागि कर गरीबो को स्तर को उंचा उठाने का दम भरती हे की जनजाती का गरीब सरकारी योजनाऔ का भरपुर.लाभ ले लैकिन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाऔ को सरकारी कारींदे ही धत्ता बताकर मजे से नोकरी कर रहे है जबकी वास्तव में गरीब सरकारी योजना व सहायता से कोसो दुर दिखाई. देते नजर आ रहे.है युतो प्रदेश सरकार प्रसाशन व प्रदेश में अनेक स्वय सेवी संस्थाए गरीबो की योजना पर बजट होने के बाद भी योजनाऔ से गलीबो को कोसो दुर धकोलने.मेॉ.मशगुल है आज गरीब की फरीयाद कोई युनने.वाला नही है गरीब री योजनाऔ से सब मालामाल हो कर सीर्फ अपनी तिजोरीया भरने में लगे है इनके लिए गरीबो के लिए कोई हमदर्दी नही गरीब जाए भाड में हमे तो बस कैये भी करके अपना उल्लु साधने जैसा कार्य दिषाई पडता नजर.आ रहा है आज हम राजस्थान के बांसवाडा जिले की कुशलगढ पंचायत समिती क्षैत्र की ग्राम पंचायत खेडपुर का मामला प्रकाश में ला रहे हौ यहा गरीब आदिवासी का यह क्षैत्र हैं जंहा लक्ष्मी नाम की दोनो आखो से अंधी बच्ची है ईश्वर ने लक्ष्मी के नशिब में दुख ही दुख लिखे है आंखो से.अंधी ये बालिका की माता कानो से बहरी तथा पिता भी दिवयांग है यह परीवार पिरी तरह गरीबी के थपेडे मे जिवन यापन कर रहा हा रहने को टुटी टापरी छत पर कवेलु की जगह प्लास्टीक का मेणीया अपने धर पर लगाकर जिवन यापन कर रहा है पर आज तक इस परिवार की यंहा पंहुच कर कीसी ने सुध नही ली यह परीवार अतयंत गरीब होने के बावजुद गरीब की योजना से कोसो दुर है इतना ही नही इस अहसाय दुखी परीवार को एपीएल का राशन कार्ड दे रखा है जीसके चलते कोई.सहायता नही मिलती सहायता के लिओ कई बार सरकारी दफ्तरो के चक्कर लगाए पर कीसी ने सुध नही ली इतना ही नही इस खेडपुर गांव में दर्जनो परीवार एै े है जो गरीबी की रोखा से निचे जिवन यापन तो कर रहे है रहने को टुटी फुटी मिट्टी की टैपरी़ा दरवाजे भी नही के बराबर टापरीयो की छत पर कवेलु चकनही इन धरती पुत्रो के पास खेती की जमिन भी कम उपर से इय गांव में.महात्मा गांधी नरेंगा योजना में भी रोजगार नही यंहा तक की साल साल.भर से यंहा के लोगो के जांब कार्ड तक बनाने में सरकारी कारींदे गरीबो को पंचायत के चक्कर कटवाते है साल.साल भर तक सच्व जांब कार्ड तक नही बनाकर देते वही लोगो ने बताया ती सचिव बगेर रुपयो के काम नही करता जांब कार्ड के लिए गरीबो से रुपया मांगाजाता एैसे में गरीब के पाय काम धंधा नही बडी मुश्किल से मैहनत मजदुरी कर अपना व अपने परीवार का पेट जैसे तेसे भरते है एौसो में नोकरसाही भी गरीब के जख्मो पर मरहम लगाना तो दुर गरीब से जांब कार्ड बनाने के लिए रुपए की मांग करमा क्या गरीब होना लक्ष्मी जैसी बच्ची व खेडपुर की गरीब जनता पर अभीशाप है इतना ही नही यंहा करीब 350से अधिक एैसे परीवार है जो वास्तविक मे गरीब है लैकिन शासन प्रसाशन व सरकारीब कारींदे व सत्ता के सिंहासन पर गरीबो के वोट से मलाई चाट रहे हैं वही गरीब लरकारी सहायता से कोसो दुर अपनी किश्मत पर आंसु बहैता नजर आता दिखाई पड रहा है आज हम कलमकारो के माध्यम से कुशलगढ पंचायत संिती के खेडपुर के गरीब आदिवासीयों का और ध्यान दिलाने ता यह प्रयास कर रहो है की क्या गरीब होना अभीसाप है हम आज सच्चाई की सारी तस्विरें आपतक पंहुचा रहे है ताकी राजस्थान में शुसासन का वादा करने वाली प्रदेश सरकार बांसवाडा जिलै प्रसाशन पर चंडा चश्मा उतरे और गरीब की सुध ले फोटो राहुल सोनी ।

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